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कॉमनवेल्थ में भिवानी के खिलाड़ियों का जलवा, अब शहर में बेहतर खेल सुविधाओं की उठी मांग

भिवानी। कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा और भिवानी की बेटियों के डंके के बाद जिला में खेल सुविधाओं की बड़ी मांग उठने लगी है। इसको लेकर किसानों, वकीलों व सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा कर जनआंदोलन करने की बात कही है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हर खेल में देश की झोली में मेडल डालने में हरियाणा और हरियाणा में भिवानी के खिलाड़ियों का बड़ा योगदान होता है। ताजा बानगी कॉमनवेल्थ गेम्स हैं, जिसमें भिवानी जिला के खिलाड़ियों ने 5 गोल्ड मेडल सहित 7 मेडल जीत कर देश का गौरव बढ़ाया। बावजूद इसके खेल सुविधाओं में भिवानी पिछड़ा हुआ है। इसके विरोध में भिवानी के किसान, वकील व सामाजिक लोगों ने प्रदर्शन किया और डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेता जोगेंद्र तालु ने कहा कि हमारी मांग 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा को देने, भिवानी में खेल यूनिवर्सिटी बनवाने, दो गोल्ड मेडल जीतने वाली मुक्केबाज बेटियों के धनाणा गांव में स्टेडियम बनवाने और विजेता खिलाड़ियों को कलास वन या टू की नौकरी देनी की है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो इसे देश भर में बड़ा जनआंदोलन बनाया जाएगा। वहीं अधिवक्ता देवेन्द्र सोढ़ी ने कहा कि धनाणा देश का पहला गांव है जहां की दो बेटियों में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीते, पर उस गांव में खेल स्टेडियम तक नहीं। भिवानी में अकेले बॉक्सिंग की 50 एकेडमी है, पर उन्हें 100 रुपये का भी सरकार सहयोग नहीं देती। जबकी गुजरात में एक भी खिलाड़ी नहीं और खेल बजट 600 करोड़ रूपये जारी किये हैं। संवाद

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