बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव मिलकपुर में प्राइवेट बस में आग की घटना के दौरान उसमें सवार एएसआई सुनील ने अपनी आखिरी सांस तक सवारियों की जांच बचाने का प्रयास किया, लेकिन खुद इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। इस दौरान हिसार के जिंदल फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर की भी झुलसने से मौत हो गई थी। दोनों शवों की हालत यह थी कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा था। बुधवार देर रात को डीएनए की रिपोर्ट आने के बाद ही दोनों मृतकों के शरीर की पुष्टि हो पाई थी। जिसके बाद वीरवार सुबह जिला नागरिक अस्पताल में एएसआई सुनील की अंतिम शव यात्रा शहीद की तरह निकाली गई और उन्हें गांव ले जाया गया। जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ। गांव बड़सी निवासी 51 वर्षीय सुनील सीआईडी शाखा भिवानी में एएसआई के पद पर बवानीखेड़ा में तैनात था। जबकि दूसरा मृतक भिवानी के सेवा नगर निवासी 45 वर्षीय बलजीत था। बलजीत हिसार स्थित जिंदल फैक्टरी में कार्यरत थे। उनकी पहचान भी डीएनए रिपोर्ट के माध्यम से हुई। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में लगातार जुटे हुए हैं। हालांकि, बस में आग लगने का वास्तविक कारण या धमाका कैसे हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि पुलिस को इस मामले में हादसा स्थल के समीप एक मकान के सीसीटीवी फुटेज में धमाका के आग की लपटें व धमाका सुनाई देने की पुष्टि हुई है। मगर ये धमाका किस चीज से हुआ इसका अभी पता नहीं लगा है।