खेल भारतीय संस्कृति की पहचान है, जो सदियों से भारत की पहचान बनी हुई हैं, विद्यार्थियों को चाहिए कि वो नशे से दूर रहते हुए शिक्षा के साथ-साथ खेलों, स्वास्थ्य ,ध्यान व अध्यात्म में भी अग्रणी रहें, खेल हमारे मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अहम कड़ी का काम करते हैं। यह बात भीम स्टेडियम में आयोजित वैश्य महाविद्यालय की वार्षिक एथलेटिक मीट एवं खेल पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अर्जुन पुरस्कार विजेता पुलिस उपाधीक्षक अखिल कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि आज अपने महाविद्यालय के खेल समारोह में आकर अपने विद्यार्थी जीवन की पुरानी यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पुलिस विभाग पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में सेवा सुरक्षा सहयोग के नारे को साथ लेकर युवा वर्ग को नशे से बचाकर सामाजिक सामंजस्य बनाने में लगा हुआ है। वार्षिक एथलेटिक मीट में 19 प्रतिस्पर्धाओं में 300 खिलाड़ियों एवं स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। बेस्ट एथलीट के पुरुष वर्ग का खिताब छात्र हिमांशु व महिला वर्ग में छात्रा सीमा के नाम रहा।