लोहारू शहर स्थित गोशाला में व्यवस्थाओं में कथित खामियों को लेकर सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब गो रक्षा दल के सदस्य व शहर के कई गणमान्य युवा गोशाला परिसर पहुंचे। गो रक्षा दल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि एक गाय की समय पर उपचार व पर्याप्त सुविधा न मिलने के कारण मृत्यु हो गई। इस मुद्दे को लेकर गो रक्षा दल और गोशाला समिति के बीच कुछ समय तक तीखी नोकझोंक और खींचातानी की स्थिति बनी रही। स्थिति तनावपूर्ण होती देख थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जरनैल सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि गोशाला में किसी प्रकार की कमी या शिकायत है तो उसे लिखित रूप में गौशाला समिति को दें, ताकि समिति द्वारा उसका समाधान कराया जा सके। पुलिस हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ। मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर भी उठा विवाद गो रक्षा दल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि गोशाला में मृत पशुओं को खुले गड्ढे में डाल दिया जाता है, लेकिन उन्हें विधिवत मिट्टी नहीं दी जाती। उनका कहना है कि खुले में डालने से कुत्ते शवों को नोंचते रहते हैं, जिससे दुर्गन्ध फैलती है और संक्रमण व बीमारी का खतरा बना रहता है। बताया गया कि 4 फरवरी को भी इस संबंध में विरोध दर्ज कराया गया था। उस समय गौशाला समिति ने इसे त्रुटि मानते हुए तुरंत मिट्टी डलवाने की कार्रवाई की थी। दल के सदस्यों का कहना है कि तब से वे नियमित निगरानी कर रहे हैं, ताकि भविष्य में मृत पशुओं के निस्तारण में लापरवाही न हो। सोमवार को भी व्यवस्थाओं व सुविधाओं में कमी दिखाई देने पर उनका आक्रोश सामने आया।