भिवानी में 2422 मरीजों को एचआईवी संक्रमण का दर्द मिल चुका है। जिसमें से 1750 मरीज नियमित उपचार भी ले रहे हैं। इतना ही नहीं जिले में 622 मरीजों को एचआईवी की टेंशन में भी स्वास्थ्य विभाग से पेंशन मिल रही है। अधिकांश युवा 25 से 35 आयु वर्ग के बीच ही एचआईवी के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। भिवानी जिले में एचआईवी पॉजिटिव हर साल बढ़ रहे हैं। पश्चिमी सभ्यता की अंधाधुंध और चकाचौंध में फंसकर युवा पीढ़ी न केवल संस्कारों से दूर हो रही है, बल्कि अनैतिकता की दलदल में फंसकर अनजाने में ही एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के संक्रमण की चपेट में आ रही है। भिवानी जिले में 2422 एचआईवी संक्रमित हैं, पिछले साल से मामले करीब डेढ़ गुना ज्यादा बढ़े हैं। एचआईवी संक्रमितों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई हैं, क्योंकि ये ऐसा संक्रमण है जो एक-दूसरे से असुरक्षित यौन संबंधों के अलावा इंजेक्शन की सूई से भी फैल सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी फील्ड में लग रहे अपने हेल्थ चेकअप केंद्रों में इस तरह के मरीजों की भी पहचान कर रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग एचआईवी संक्रमित स्टेज तीन और स्टेज चार के मरीजों की भी नियमित निगरानी कर उनका उपचार करा रहा है। भिवानी जिले में 622 एचआईवी संक्रमितों को हर माह 2750 रुपये की पेंशन दी जा रही है।