करनाल में एक डॉक्टर के साथ हुई मारपीट के मामले का असर अंबाला में भी देखने को मिल रहा है। सरकारी डॉक्टर अपनी ओपीडी छोड़कर हड़ताल पर बैठ गए है। हालांकि डॉक्टरों में भी मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। डेंटल, बाल ओपीडी सहित कुछ डॉक्टर अपनी ओपीडी संभाल रहे हैं। सिविल सर्जन अंबाला डॉ. रेनू बेरी की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था की तौर पर ओपीडी में ट्रेनी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में ओपीडी सेवाएं चरमरा रही है। स्पेशलिस्ट डॉक्टर न होने के कारण मरीज लौट रहे हैं। सबसे ज्यादा असर कैंट, सिटी व नारायणगढ़ के तीनों मुख्य सरकारी अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा पहले होनी चाहिए ताकि वह बिना किसी दबाव के मरीजों का उपचार कर सकें। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं।