चौरीचौरा क्षेत्र के महदेवा जंगल में स्थित प्राचीन शिव मंदिर आज भी लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह मंदिर अपनी प्राचीनता, धार्मिक मान्यताओं और स्वयंभू शिवलिंग के कारण पूरे क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ब्रिटिश हुकूमत के समय से पहले यह शिवलिंग जमीन के अंदर से स्वयं प्रकट हुआ था। तभी से इस स्थान को स्वयंभू शिव मंदिर के रूप में पूजा की जाती है। मान्यता है कि यहां मांगी गई मन्नतें जरूर पूरी होती हैं।