देशभर में नागपंचमी का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है लेकिन जनपद के बड़हलगंज विकास खंड अंतर्गत बैरियाडीह गांव में यह दिन उत्सव का नहीं बल्कि अपने पूर्वज के बलिदान को बैरियाडीह में पर्व नहीं, पूर्वज बाबू रामनारायण शाही के बलिदान का होता है स्मरण नमन करने का अवसर होता है। गांव के विसेन क्षत्रिय परिवार आज भी नागपंचमी नहीं मनाते। पारिवारिक स्मृतियों के अनुसार यह परंपरा बाबू रामनारायण शाही के बलिदान से जुड़ी है जिन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब के शासनकाल में धर्म परिवर्तन स्वीकार करने से इन्कार कर दिया था।