सोशल मीडिया पर न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर की गई अभद्र टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने एक अधिवक्ता के खिलाफ अवमानना का आरोप तय किया है। अधिवक्ता ने लिंक्डइन अकाउंट से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और बाद में प्रोफाइल डिलीट कर दिया, लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि इससे जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। अदालत ने कहा कि कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पूरी तरह लागू होगा, इसलिए पोस्ट करते समय सावधानी जरूरी है। देखें खास रिपोर्ट।