एमसीडी की स्थायी समिति से मंगलवार को 18 में से नौ पार्षदों को ड्रा प्रक्रिया के जरिए सेवानिवृत्त कर दिया गया। इस फेरबदल से जहां आम आदमी पार्टी को झटका लगा है, वहीं भाजपा की स्थिति और मजबूत होती नजर आ रही है। दरअसल, पहले वर्ष समिति के आधे सदस्यों को लॉटरी (ड्रा) के माध्यम से सेवानिवृत्त किया जाता है, जबकि इसके बाद हर वर्ष 50 प्रतिशत पुराने सदस्य स्वतः रिटायर होते हैं। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने डीएमसी एक्ट के प्रावधानों के तहत सबसे पहले वार्ड समितियों से चुने गए 12 सदस्यों में से छह और सदन से चुने गए छह सदस्यों में से तीन सदस्यों को ड्रा के सेवानिवृत हटाया गया। वार्ड समितियों की श्रेणी में करोल बाग जोन से आप के अंकुश नारंग, केशवपुरम से भाजपा की शिखा भारद्वाज, नजफगढ़ से भाजपा के इंद्रजीत सहरावत, शाहदरा दक्षिण से भाजपा की नीमा भगत, मध्य जोन से भाजपा के राजपाल सिंह और नरेला से भाजपा की अंजू देवी का नाम निकला। वहीं सदन से चुने गए सदस्यों में आप के मोहम्मद आमिल मलिक और मोहिनी के साथ भाजपा के पंकज लूथरा भी सेवानिवृत्त घोषित किए गए।