बच्चों को वेपिंग और नए निकोटीन उत्पादों के खतरे से बचाने के लिए ‘मदर्स अगेंस्ट वेपिंग’ संस्था ने बृहस्पतिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। ‘एजुकेटिंग फॉर वैल्यूज, प्रोटेक्टिंग आवर चिल्ड्रन’ विषय पर हुए इस एजुकेशन लीडर्स सेमिनार में दिल्ली-एनसीआर के कई प्रमुख स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षाविद और नीति निर्माता शामिल हुए। सेमिनार में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई कि क्लास में सिखाए जाने वाले मूल्यों और बच्चों पर पड़ने वाले बाहरी प्रभावों, खासकर सोशल मीडिया और वेपिंग कल्चर के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि ई-सिगरेट और वेप जैसे नए निकोटीन उत्पाद बच्चों को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। सेमिनार में इस चुनौती से निपटने के लिए स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान, अभिभावकों की भूमिका और सरकार से सख्त नियमों की मांग पर रणनीतियां साझा की गईं। इसके अलावा, यशोदा मेडिसिटी के श्वसन चिकित्सा एवं इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी संस्थान के निदेश डॉ. राजेश गुप्ता ने इस बारे में अधिक जानकारी दी।