द्वारका जिला सेंधमारी निरोधक दस्ता ने नशे की लत को पूरा करने के लिए सेंधमारी की लगातार वारदात को अंजाम दे रहे बदमाश को पहली बार गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश की पहचान बिंदापुर निवासी राम के रूप में हुई है। पुलिस ने बदमाश के कब्जे से लाखों के सोने चांदी के गहने और मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने बदमाश की गिरफ्तारी से आठ मामले सुलझाने का दावा किया है। जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि 12 दिसंबर को पुलिस को उत्तम नगर के एक घर में चोरी की सूचना मिली। शिकायतकर्ता दीपा कुमारी ने बताया कि बदमाश ने पीछे की खिड़की तोड़कर उनके घर से सोने और चांदी के गहने चुरा लिए हैं। निरीक्षक विवेक मंडोला के नेतृत्व में सेंधमारी निरोधक दस्ता ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की। फुटेज में एक नकाबपोश आदमी को शिकायतकर्ता के घर में घुसते और निकलते देखा गया। टीम ने दो दिनों तक लगातार सीसीटीवी कैमरों के जरिए बदमाश का पीछा किया, लेकिन चोर का सुराग सिर्फ विश्वास पार्क बिंदापुर तक मिला। पुलिस ने फुटेज अपने मुखबिरों को दिखाया। जल्द ही बदमाश की पहचान राम के रूप में हो गई। पुलिस ने उसपर निगरानी रखकर डाबरी और बिंदापुर इलाके में उसके ठिकानों पर कई छापे मारे, लेकिन हर बार वह भागने में कामयाब रहा। बुधवार को पुलिस को बदमाश के डीडीए पार्क जेजे कालोनी सेक्टर तीन द्वारका आने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां घेराबंदी कर 22 साल के बदमाश राम को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने एक सोने का लॉकेट, एक सोने की चेन, चार नोज रिंग, एक सोने की अंगूठी, चांदी की पायल के चार जोड़े, चांदी की अंगूठियों के तीन जोड़े, एक चांदी का कमरबंद, पांच चांदी के सिक्के और पांच चोरी के मोबाइल फोन बरामद कर लिए। पूछताछ में ?उसने बताया कि उसकी मां और बड़े भाई ने उसे बचपन में ही छोड़ दिया था। वह अपने पिता के साथ रहता था। उसके पिता टेंट हाउस में काम करते थे। छह साल पहले लंबी बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद उसने 8 वीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ दी और बुरे लोगों की संगत में आ गया। वह उनके साथ स्मैक पीने लगा। अपने नशे की लत को पूरा करने के लिए वह चोरी करने लगा। पुलिस ने बताया कि वह पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आया है। इससे पहले वह सेंधमारी की आठ वारदातों को अंजाम दे चुका है।