कम उम्र में प्रेम संबंध, नौकरी का झांसा और सोशल मीडिया के जरिए बने रिश्तों में धोखा मिलने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसका असर किशोरियों और युवतियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। कई युवतियां परिवार से दूर हो जाती हैं, जबकि कुछ तनाव और अवसाद का शिकार हो जाती हैं। ऐसे मामलों में वन स्टॉप सेंटर उनके लिए सहारा बनकर उभर रहा है। मार्च से जुलाई तक 100 से अधिक किशोरियां और युवतियां सेंटर पहुंची हैं। इनमें अधिकांश मामलों में काउंसलिंग के माध्यम से परिवारों से दोबारा संवाद स्थापित कराया गया, जबकि जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के जरिए मुफ्त कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई गई।