सर्दियों का मौसम शुरू होते ही प्रदूषण की समस्या दिल्ली, नोएडा समेत पूरे एनसीआर में ज्यादा हो जाती है। जिसका प्रमुख कारण पराली जलने, दिवाली पर फोड़े जाने वाले केमिकल युक्त पटाखे और पुराने अनफिट वाहन माने जाते हैं। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी पूरे एनसीआर में हानिकारक केमिकल वाले पटाखों पर बैन लगा रखा है। प्रशासन की ओर से भी इसको लेकर कई प्रयास भी किए जाते हैं। लेकिन ये दावे तब फेल नजर आते हैं जब शहर का प्रदूषण 250 के पार निकल जाता है और लोगों को घर के बाह निकलने के लिए मास्क तक लगाने की नौबत आ जाती है। यहां तक कि लोग इस प्रदूषण से बचने के लिए परिवार संग बाहर घूमने तक का प्लान बना लेते हैं।
ऐसे में कॉलेज में पढ़ाई भी दिवाली की छुट्टियों के बाद शुरू हो चुकी है। लेकिन बढ़ते प्रदूषण से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ है। जिसको लेकर नोएडा के सेक्टर 39 स्थित राजकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा है। जिसमे उन्होंने शहर के बढ़ रहे प्रदूषण के कारणों पर लगे सुप्रीम कोर्ट के बैन के बावजूद उन पर सख्ती न होने से बढ़ते प्रदूषण से होने वाली समस्याओं को लेकर अवगत कराया है। यहां तक कि गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा समेत भारत सरकार की ओर से संचालित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक को पत्र लिखा गया है और प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस निर्णय लेने की मांग की है।
क्या बोले प्राचार्य
नोएडा से पूरे दिल्ली एनसीआर में।प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। यहां की खराब होती आबोहवा के लिए आवाज उठाना जरूरी है, यह कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं में तो बीमारी ला ही रहा है साथ ही पूरे शहरवासियों को भी बीमार कर रहा है। इसको लेकर राष्ट्रपति भवन समेत प्रदूषण नियंत्रन बोर्ड भारत सरकार समेत गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को भी पत्र लिखकर सख्ती करने का आग्रह किया है। – राजीव कुमार गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय स्नाकोत्तर कॉलेज