गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत लीगल सर्विस यूनिट मनोन्याय (एलयूएसएम) की कार्यशाला हुई। डिस्ट्रिक्ट लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार का कहना है कि मानसिक रूप से अशक्त लोगों को भी निशुल्क कानूनी सहायता मिले। इसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे। इस काम में मनोनीत सभी पैनल अधिवक्ता पैरा लीगल वॉलंटियर्स के साथ काम करेंगे। मानसिक बीमार और अक्षम व्यक्ति सभी मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के हकदार हैं। इन व्यक्तियों के मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के पूर्ण और समान आनंद को बढ़ावा देना, सुरक्षा करना और सुनिश्चित करना संस्था के साथ-साथ कानूनी सेवा प्राधिकरण की प्रमुख चिंता होगी। यह कार्यक्रम मानसिक बीमार व्यक्तियों को कानूनी सहायता प्रदान करने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने की दिशा में उठाया गया प्रथम कदम है जो निश्चित ही आगे चलकर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।