ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सुपरटेक ईकोविलेज एक सोसाइटी के 10 से अधिक टावरों में रहने वाले निवासियों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दिन भर पानी नहीं होने पर सोसाइटी में टैंकर से पानी की सप्लाई की गई। टैंकर से बाल्टी भरकर निवासियों को फ्लैट तक ले जाना पड़ा। निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में उनकी स्थिति गांव से भी खराब हो गई है। सुविधाओं के नाम पर केवल समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को गई बिजली शुक्रवार को आई। अब पानी की समस्या खड़ी हो गई है। निवासियों ने बताया कि सोसायटी में कुल 52 टावर है, जिसमें 6500 परिवार रहते हैं। आए दिन यहां कोई न कोई समस्या लगी रहती है। निवासियों ने सोसायटी के ग्रुप पर आवाज उठाई है कि पानी की समस्या का जल्द समाधान किया जाए।
सोसाइटी में रहने वाले मनीष कुमार ने बताया कि लाखों रुपये देकर फ्लैट बाल्टियों से पानी ढोने के लिए नहीं खरीदे गए थे। निवासियों के हिसाब से पानी के टैंकर बिल्डर प्रबंधन द्वारा पर्याप्त नहीं मांगे गए। पानी के टैंकर से अंडरग्राउंड वॉटर टैंक तो भरे गए, लेकिन उसे सभी टावरों में पानी नहीं पहुंचा, जिससे बाकी के लोगों को पानी के बिना ही रहना पड़ा। ऐसे में लोगों ने बाजार से पानी की बोतल खरीद कर मंगाई, जिसे उन्होंने घर के जरूरी कार्य और खाना बनाने का काम किया। वहीं समीर ने बताया कि मोटर खराब हो गई है। जिसके कारण कई टावरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। परिसर में लगातार पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। अभी करीब एक महीने पहले ही पानी की किल्लत से पूरी सोसाइटी परेशान रही थी। इस दौरान करीब 3 दिनों बाद पानी की समस्या का समाधान हुआ था। लगातार बिल्डर प्रबंधन और प्राधिकरण से पानी की समस्या के समाधान के लिए मांग कही जाती है, लेकिन कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है। ऐसे में दोनों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। वहीं, शिकायत करने पर मेंटेनेंस प्रबंधन और प्राधिकरण एक दूसरे की कमी बताकर बात को टाल देते हैं। वहीं, लोगों को कई दिक्कत हो का सामना करना पड़ता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा की कई सोसाइटियों के बेसमेंट से पानी नहीं निकलने के कारण बदबू आने लगी है। निवासियों ने बताया कि बेसमेंट में पार्किंग के लिए जाने पर गंदी बदबू का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को हुई बारिश में एम्स ग्रीन एवेन्यू, निराला एस्टेट, अजनारा होम्स, श्री राधा स्काई गार्डन, इराेज संपूर्णम, एलिगेंट विले, ला रेजिडेंसिया सोसायटी, आम्रपाली की परियोजनाओं समेत समेत सोसाइटियों में जलभराव हो गया था। निवासियों ने बताया कि गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बिल्डर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।