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ग्रेनो: भारत शिक्षा एक्सपो में छात्रों को सिखाई जा रही कोडिंग की बारीकियां, भविष्य की राह छात्र कर रहे मजबूत

अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sat, 16 May 2026 02:14 PM IST

कोडिंग छात्रों को लीक से हटकर सोचना सिखाता है। जब बच्चे कम उम्र में कोडिंग सीखते हैं, तो उनमें अधिकांश लोगों की तुलना में वास्तविक दुनिया की समस्याओं को पहचान करने की क्षमता विकसित होती है। अपने आस-पास की समस्याओं को केवल वयस्कों की परेशानी समझने के बजाय, ये बच्चे इन समस्याओं को हल करने के लिए कोडिंग का इस्तेमाल कैसे करें। इनकी बारिकियां नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित भारत शिक्षा एक्सपो में छात्रों को सिखाई जा रही है। कोडिंग की दुनिया में डूब छात्र भविष्य की राह मजबूत कर रहे हैं। एआई के युग में कोडिंग ने अहम जगह ले ली है। छात्रों को कोडिंग के बेसिक से लेकर अन्य महत्वपूर्ण पहलूओं के बारे में जानकारी दी जा रही है,जिससे वह अपने स्कूल स्तर पर भी कोडिंग का उपयोग कर सके।

भारत शिक्षा एक्सपो में इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से छात्रों के लिए दो प्रकार के इंवेंट आयोजित किए गए हैं। एक्सपो में भाग लेने वाले सभी छात्र इन कार्यशाला में भाग ले रहे हैं। कॉलेज के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रमुख शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उदाहरण के तौर पर जब भारत में कोविड की स्थिति पैदा हुई, तो भारत सरकार को करोड़ों लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था करनी पड़ी। लोगों को बुकिंग की सुविधा इस तरह उपलब्ध कराने की जरूरत थी कि यह कार्य न्यूनतम मानवीय संपर्क के साथ किया जा सके। जब कोडर्स के टीम को समस्या का विवरण प्राप्त हुआ होगा, तो यह बहुत अस्पष्ट रूप में रहा होगा। अब इन कोडर्स का काम था कि वे अपने कोडिंग कौशल का उपयोग करके उस समस्या को टेक्नोलॉजी के द्वारा हल करने के बारे में शोध करें और सोचें। उन्हें नेटवर्क की समस्या, स्मार्टफोन की सीमित उपलब्धता, धोखाधड़ी वाली बुकिंग की संभावना, इत्यादि विभिन्न समस्याओं का भी ध्यान रखना पड़ा होगा।

कम उम्र से ही सीखना अहम
उन्होंने बताया कि यदि बच्चा कम उम्र से ही कोडिंग करना सीख जाता है तो उसके लिए कॉलेज जाने पर इसमें और परिपक्व बनना काफी आसान होगा। एक्सपो के जरिए बच्चों में कोडिंग के प्रति रुचि पैदा की जा रही है। एक्सपो में पहला इंवेंट कोडथॉन है,जिसे कॉलेज के पार्टनर एमकेट के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस इंवेंट में छात्रों के लिए तीन चरण रखे गए हैं। पहला कोडिंग टेस्ट,दूसरा डिबगिंग टेस्टिंग और तीसरा एमसीक्यू रखा गया है। उन्होंने बताया कि इन टेस्ट को पूरा करने के बाद छात्रों के पास पूरी रिपोर्ट मेल के जरिए भेजी जाती है। जैसे कि उनकी कोडिंग स्किल और नींव की कितनी मजबूत है। यदि वह आगे कोडिंग में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं,तो किन क्षेत्रों में उन्हें और मेहनत करनी होगी।

क्या बोले छात्र
एक्सपो में आकर कोडिंग की गहराइयों के बारे में पता चला। कई नई जानकारी मिली है। जिनका उपयोग अब करेंगे। - इब्राहिम अहमद,कैब्रिज स्कूल नोएडा

कोडिंग अब समय की मांग है। इसलिए इसको सीखना भी जरुरी हो गया है। यहां कई नई जरुरी चीजें सीखने को मिली हैं। - श्रेष्ठ,जीडी गोयंका इंटरनेशनल स्कूल,ग्रेनो वेस्ट

एक्सपो में जब आए थे,तो लगा था कि कुछ खास नहीं हैं,लेकिन कोडिंग एरिया में ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं,जो भविष्य की राह आसान कर देंगी। - देवेश,समसारा स्कूल,ग्रेटर नोएडा

एक्सपो में ज्ञान की गंगा ऐसी बह रही है,जिससे हजारों छात्रों को सीधी तौर पर फायदा हो रहा है। - भूमि,आर्मी पब्लिक स्कूल नोएडा

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