मतदाता सूची के एसआईआर अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने शुक्रवार को एनआईसी सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुनरीक्षण कार्यक्रम को शत-प्रतिशत सफल बनाना और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना रहा। जिलाधिकारी ने बताया कि एसआईआर कार्यक्रम के सीमित दिन शेष हैं। इसलिए प्रशासन अभियान को और अधिक गंभीरता और तीव्रता से संचालित कर रहा है। राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) निर्धारित बूथों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का पूरा सहयोग करें। विशेषकर उन मतदाताओं की खोज में जिनके पते का सत्यापन अब तक नहीं हो पाया है। लक्ष्य यह है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। कुछ क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता चिह्नित हुए हैं। जिनका नाम सूची में तो दर्ज है, लेकिन उनके पते का भौतिक सत्यापन नहीं हो सका है। ऐसे मामलों में राजनीतिक दलों के बीएलए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिससे वास्तविक मतदाताओं की पहचान और सत्यापन समयबद्ध तरीके से किया जा सके। डीएम ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश दिए कि प्रत्येक बूथ पर उन मतदाताओं की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए जिनके पते का सत्यापन लंबित है। सार्वजनिक प्रदर्शन से जानकारी व्यापक होगी। नागरिक स्वयं आगे आएंगे और खोज की प्रक्रिया सहज एवं तेज होगी। कल सुबह 10 बजे से जनपद के प्रत्येक बूथ पर ‘विशेष महा-अभियान दिवस’ आयोजित किया होगा। इसमें बीएलओ, बीएलए, प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक दल संयुक्त रूप से काम करेंगे। जिन मतदाता को गणना प्रपत्र (खोज एवं सत्यापन प्रपत्र) प्राप्त नहीं हुआ है या वह इसे जमा नहीं कर पाए हैं, तो वे तत्काल अपने बीएलओ से संपर्क करें। नाम जोड़ने के लिए फार्म-6, संशोधन/परिवर्तन के लिए फार्म-8 और अन्य आवश्यक पत्र ईआरओ, एईआरओ, सुपरवाइजर, बीएलओ और राजनीतिक दलों के बीएलए के पास उपलब्ध हैं। मतदाता हेल्पलाइन पर भी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा मतदाता पोर्टल के माध्यम से अपने क्षेत्र के बीएलओ से कॉल-बैक का अनुरोध कर सकते हैं। जिसके बाद संबंधित बीएलओ स्वयं कॉल करके आवश्यक जानकारी देंगे।