ग्रेटर नोएडा। एक निजी अस्पताल ने रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन और हाइपरटेंसिव हार्ट फेलियर से पीड़ित दो मरीजों का एडवांस रीनल डीनर्वेशन प्रक्रिया के माध्यम से सफल उपचार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह आधुनिक मिनीमली इनवेसिव तकनीक उन मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है, जिनका ब्लड प्रेशर कई दवाओं के बावजूद नियंत्रित नहीं हो पा रहा था। फोर्टिस अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. हरनीश सिंह भाटिया ने इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें मरीज कई प्रकार की ब्लड प्रेशर कम करने वाली दवाओं की अधिकतम खुराक लेने के बावजूद सामान्य स्तर पर नहीं आ पाता। इससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, किडनी फेलियर और अचानक मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। पहला मामला 68 वर्षीय महिला का था, जो लंबे समय से गंभीर रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन से पीड़ित थीं। उन्हें छह प्रकार की एंटीहाइपरटेंसिव दवाएं दी जा रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उनका ब्लड प्रेशर लगातार 180 से 200 एमएमएचजी के बीच बना हुआ था। बढ़ते रक्तचाप के कारण उन्हें बार-बार हाइपरटेंसिव हार्ट फेलियर की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा था।