लड़पुरा गांव को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक दशक पहले ही आदर्श गांव घोषित कर दिया था लेकिन, अभी तक गांव के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों को आए दिन नई-नई समस्याओं का सामना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बने तालाब में चारों ओर से तार बंदी नहीं होने के कारण आए दिन हादसे हुआ करता हैं। सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। करीब एक दशक के बाद भी गांव में पानी की सप्लाई सुचारू रूप से सप्लाई नहीं हो सकी है। अमर उजाला ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा के लड़पुरा गांव में ग्रामीण संवाद आयोजित किया। यहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को बेबाक तरीके से रखा। गांव के लोगों ने बताया कि करीब पांच तालाब बने हुए हैं। जिसमें से किसी में भी आसपास से तार बंदी या कोई अन्य व्यवस्था नहीं की गई है जिससे किसी तरीके का कोई हादसा न हो। एक तालाब तो गांव के बीच में बना हुआ है। जोकि लगातार सड़क के बराबर भरा रहता है। इसमें कई जानवरों की गिरकर मौत हो चुकी है। कई बार तालाबों में तारबंदी किए जाने की प्राधिकरण के अधिकारियों से की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव कि गलियों की हालत खराब हो रही है। आए दिन जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। हल्की सी बारिश होने से गांव में जगह-जगह पानी भर जाता है। नालियों की कभी सफाई ही नहीं होती है।