नोएडा सेक्टर 33ए स्थित शिल्प हाट में आयोजित स्वदेशी मेले ने इस बार दीवाली की तैयारियों में चार चांद लगा दिए। रविवार को शिल्प हाट में लगे मेले में छुट्टी का दिन होने की वजह लोगों की खासी भीड़ मौजूद रही। रविवार की छुट्टी के कारण मेले में खरीदारी करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जो दीवाली की सजावट और जरूरत के सामान के लिए उत्साहित नजर आई। लोग मिट्टी के दीयों और बर्तनों की रंग-बिरंगी रेंज और विशेष छूट का पूरा लाभ उठा रहे थे। मेले में मुख्य आकर्षण रहे मिट्टी के दीये, जिन्हें ग्रेटर नोएडा स्थित ठसराना गांव और बिलासपुर के कारीगरों ने लाया। 3 रुपये के साधारण कुल्हड़ से लेकर 20 रुपये तक के सजावटी दीये, सभी आयु वर्ग के लोगों की नजरें खींच रहे थे। चाहत माटी कला उद्योग के प्रतिनिधि राधा नवल प्रजापति और उनके बेटे यश प्रजापति ने बताया कि उनका परिवार पहली बार ठसराना गांव से मेले में आया है। उनके हाथ से बने और मशीन से डिजाइन किए गए दीये इस दीवाली में घरों की सजावट का आकर्षक हिस्सा बनेंगे। एक दिन में सैकड़ों दीयों की बिक्री हुई और केवल दियों से करीब 1000 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक की आमदनी हुई। इसके अलावा मेले में ही मिट्टी की खुशबू और उसकी महक को बरकरार रखते हुए दूसरे दुकानदार पवन प्रजापति ने होम किचेन के सामान दादरी से लाए हैं। त्योहारी सीजन होने की वजह से मिट्टी के अन्य घरेलू बर्तन जैसे कुकर, हांडी, तवा, कड़ाही, बोतल, कप सेट और मग ने भी लोगों का ध्यान खींचा। इनके जरिए न सिर्फ घरों में दीवाली की रौनक और खुशबू फैली, बल्कि पारंपरिक भारतीय संस्कृति का भी अनुभव हुआ। इस स्वदेशी मेले ने न केवल दीवाली की तैयारी को रोशन किया, बल्कि स्थानीय कारीगरों को अपने हुनर और मिट्टी की खुशबू को लोगों तक पहुंचाने का अवसर भी दिया।