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नोएडा हाट में आत्मनिर्भरता के रंग, हुनर से कारोबार तक छा गईं महिला शक्ति

नोएडा हाट में चल रहे तीन दिन के शिल्पोत्सव में सजे महिला उद्यमियों के स्टॉल सिर्फ सामान नहीं बेच रहे, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत तस्वीर पेश कर रहे हैं। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच अपने हुनर को पहचान देकर छोटे व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाएं आज आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास की मिसाल बन रही हैं। हाथ से बनी पेंटिंग्स, वेस्ट मटेरियल से तैयार सजावटी सामान, आर्ट एंड क्राफ्ट और घरेलू उत्पाद हर स्टॉल के पीछे संघर्ष, मेहनत और सफलता की कहानी छुपी है। कला से भर दिए सफलता के रंग नोएडा हाट में स्टॉल लगाने वाली नेहा बडेरा बताती हैं कि कला से उनका रिश्ता बचपन से था, लेकिन शादी के बाद घरेलू जिम्मेदारियों के कारण उस पर काम नहीं कर पाईं। सेक्टर-19 में रहने वाली नेहा ने घर पर रहते हुए अपनी कला को व्यवसाय में बदला। वे वॉल पेंटिंग, हैंड पेंटिंग, कपड़ों, बैग्स और अन्य वस्तुओं पर पेंटिंग कर उन्हें नया रूप देती हैं। नेहा कहती हैं कि तीन दिन के इस मेले में लोगों की सराहना ने उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। वह करीब 31 साल से कला के क्षेत्र में काम कर रही हैं। हर तरह की पैंटिंग सीखना और सीखाना उनको बेहद पसंद है। उनका मानना है कि हर महिला को अपने परिवार के साथ-साथ अपने हुनर और सपनों को भी समय देना चाहिए। 100 प्रोडक्ट से शुरू किया काम आठ साल में बनाई पहचान सेक्टर-93 में रहने वाली वंदना की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्हें आर्ट एंड क्राफ्ट का शौक था और वे घर पर बैठकर पुरानी बोतलों से सजावटी सामान बनाती थीं। करीब आठ साल पहले एक परिचित से मिले 100 प्रोडक्ट के ऑर्डर ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। आज नोएडा हाट में उनके हाथ से बने लाइट वाली बोतलें, जूट से सजे प्रोडक्ट और क्राफ्ट आइटम लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। वंदना का कहना है कि आत्मनिर्भर महिला ही वास्तव में सशक्त महिला होती है।

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