ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 के पास हुए एक दुखद हादसे में फंसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नए वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने बचाव कार्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार रात को हुई इस घटना में, युवराज की कार भारी जलभराव वाले एक गड्ढे या अंडरपास में फंस गई थी, जिसके कारण कार पानी में डूब गई और उनकी मौत हो गई। एनडीआरएफ की टीम ने हादसे के लगभग तीन दिन बाद कार को पानी से बाहर निकाला। हाल ही में सामने आए एक वीडियो फुटेज में युवराज को जंगलनुमा इलाके में फंसे हुए देखा जा सकता है। वे दूर से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में यह भी स्पष्ट है कि वे अपनी लोकेशन बताने के लिए लगातार फोन की लाइट को हवा में घुमा रहे थे। वीडियो का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि बचाव दल के कुछ कर्मचारी पास ही सीढ़ी पर बैठे हुए दिखाई देते हैं, लेकिन वे सही रास्ता खोजने में उलझे हुए नजर आ रहे हैं। सीढ़ी पर बैठे होने के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि बचाव दल युवराज की सटीक दिशा को लेकर भ्रमित था और वे स्थिति को समझने और आगे की कार्रवाई तय करने में मशक्कत करते दिख रहे थे। इस वजह से बचाव कार्य में हुई देरी को लेकर अब यह एक बड़ा सवाल बन गया है कि आखिर मदद मिलने में इतना वक्त क्यों लगा।