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International Nurses Day: सेवा, समर्पण और संघर्ष की मिसाल हैं नर्सें, देखें खास बातचीत

अनुज कुमार Updated Tue, 12 May 2026 03:11 PM IST

अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सें सिर्फ इलाज का हिस्सा नहीं, बल्कि मरीजों के लिए उम्मीद और भरोसे का दूसरा नाम होती हैं। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर उनकी मेहनत, समर्पण और संघर्ष की कहानी सामने आती है। आईसीयू, इमरजेंसी और वार्डों में दिन-रात ड्यूटी करने वाली नर्सें अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों को पीछे छोड़कर मरीजों की सेवा में जुटी रहती हैं। कई नर्सें ऐसी हैं जो छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर अस्पताल पहुंचती हैं, तो कई लगातार 12-12 घंटे की नाइट शिफ्ट में काम करती हैं। इसके बावजूद मरीजों की सेवा के प्रति उनका समर्पण कम नहीं होता। जिला अस्पताल में वर्तमान में करीब 150 नर्सें कार्यरत हैं, जबकि मरीजों की संख्या के अनुसार करीब 300 नर्सों की जरूरत बताई जा रही है। हर वार्ड और फ्लोर पर पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। मैंने नर्सिंग अपने सपने को पूरा करने के लिए चुनी थी। जरूरतमंदों की मदद करके जो दुआएं मिलती हैं, वही सबसे बड़ा सुकून है।

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