फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida: नोएडा में हेल्पलाइन आशा लॉन्च, फोन पर डॉक्टर से मरीज के लक्षण बताकर पूछ सकेंगे बीमारी

अनुज कुमार Updated Thu, 11 Dec 2025 08:15 PM IST

स्ट्रोक के मरीजों की जल्द पहचान हो सके और उन्हें गोल्डन ऑवर्स के भीतर उपचार मिल सके, ताकि क्षति कम हो। इसी उद्देश्य से बृहस्पतिवार को हेल्पलाइन आशा लॉन्च की गई है। हेल्पलाइन 6230 93 6230 पर फोन करके मरीज के लक्षण बताकर स्ट्रोक तो नहीं इसके बारे में पूछ सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रोक के बाद शुरुआती 60 मिनट में हस्तक्षेप से मृत्यु और स्थायी विकलांगता का खतरा काफी कम हो जाता है। फोर्टिस डॉ राहुल गुप्ता ने बताया कि भारत में हर साल 15–18 लाख नए स्ट्रोक मामले सामने आते हैं। हेल्पलाइन आशा मरीजों को गोल्डन विंडो में सही उपचार तक पहुंचाएगी। डॉ ज्योति बाला ने बताया कि यह हेल्पलाइन स्ट्रोक के उन लक्षणों को पहचानने में मदद करती है जो वैश्विक स्तर पर स्वीकृत हैं। यानी बी-फास्ट, यानी संतुलन की समस्या, दृष्टि समस्या, चेहरा लटकना, बाजू या हाथ- पैर में कमजोरी, जुबान लड़खड़ाना या बोलने में परेशानी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शुरुआती 60 मिनट में मिला उपचार परिणामों को कई गुना बेहतर करता है। डॉ. नेहा पंडिता ने बताया कि भारत दुनिया में स्ट्रोक के सबसे अधिक मामलों वाले देशों में शामिल है, जो हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, तनाव और खराब दिनचर्या जैसी वजहों से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली में बदलाव और जागरूकता से 80 प्रतिशत स्ट्रोक रोके जा सकते हैं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें