उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने 41 साल पहले सेक्टर साइट-सी विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का सपना दिखाकर औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया था, लेकिन आज तक उद्यमी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। पानी से लेकर सीवर लाइन की कोई व्यवस्था नहीं है। रोड बनाकर व बिजली कनेक्शन उद्योग चलाने के लिए छोड़ दिया। अब यहा रोजाना नई-नई समस्याएं आ रही है। अब यहां साप्ताहिक बाजार लगना शुरू हो गया है। जिस कारण उद्योगों में जाना मुश्किल हो गया है। बुधवार को औद्योगिक सेक्टर साइट-सी में आयोजित अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को रखा। अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने बताया कि गुलिस्तानपुर गांव की तरफ वाले रास्ते पर साप्ताहिक बाजार लगने लगा है। पहले मंगलवार को और अब रविवार को भी बाजार लगना शुरू हो गया है। बाजार के कारण सेक्टर के उस रोड से निकलना मुश्किल हो गया है। वहां के उद्योगों के बाहर भी बाजार लगता है। इस कारण कंपनियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस व प्रशासन से शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस है। सेक्टर की ज्यादातर सड़कें अंधेरे में डूबी रहती है। स्ट्रीट लाइट लगी है पर जलती नहीं है। नाली बनी है पर चोक रहती है। बारिश से पहले साफ सफाई होनी चाहिए। सेक्टर में साफ सफाई का टेंडर खत्म हो चुका है। नया जारी करने में तीन माह का समय लग जाएगा। सेक्टर के पास डीएफसीसी का प्रोजेक्ट बन रहे है। पिछले 6 साल से उसका निर्माण कार्य चल रहा है। 130 मीटर रोड के फ्लाईओवर को शुरू नहीं किया गया है। इस कारण ज्यादातर वाहन सेक्टर से होकर निकल रहे है। इससे सेक्टर में जाम की समस्या बनी रहती है। 2 मिनट की दूरी को तय करने में 30 मिनट का समय लग रहा है।जीएसटी विभाग भी गत्ते के कच्चे माल व तैयार माल पर जीएसटी के अंतर को खत्म नहीं कर पा रहा है। इससे उद्यमी परेशान है। यूपीसीडा से किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है।