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जहरीली हवा का दोहरा खतरा: मां-बच्चे के स्वास्थ्य से लेकर मासिक चक्र तक प्रभाव; डॉक्टर ने दी ये सलाह

दिल्ली एनसीआर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा प्रभाव गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों इसके साथ ही ये लड़कियों के पीरियड्स पर भी असर डाल रहा है। नोएडा के अस्पतालों में पिछले एक सप्ताह में ऐसी महिलाओं की संख्या बढ़ गई हैं जो सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, थकान जैसी शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। वहीं पीरियड्स में पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है। भंगेल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में प्रदूषण से प्रभावित गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पॉल्यूशन का सीधा असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों पर पड़ता है। इससे समय से पहले डिलीवरी, लो बर्थ वेट, सांस संबंधी परेशानियां और थकान जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन दिनों गर्भवती महिलाएं ओपीडी में सिरदर्द, थकान, मतली और उल्टी समेत सूखी खांसी, छींक आना और आंखों में जलन - सांस फूलने, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं आ रही हैं। इसके अलावा जो सबसे गंभीर समस्या बच्चों के मूवमेंट, महिलाओं के पैरों में सूजन और त्वचा में खुजली जैसी समस्या सबसे ज्यादा बढ़ी हुई है। मीरा पाठक के अनुसार प्रदूषक तत्व सीधे तौर पर विषाक्त प्रभाव डालने के अलावा, तनाव हार्मोन के स्तर को भी बढ़ाते हैं, जो प्लेसेंटा के जरिए बच्चे तक पहुंचते हैं।

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