बहुचर्चित अखलाक मॉब लिंचिंग मामले से जुड़े सत्र परीक्षण में अभियोजन द्वारा मुकदमा वापस लेने की कोशिश पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय संख्या-1 गौतम बुद्ध नगर सौरभ द्विवेदी ने धारा-321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दाखिल अभियोजन के प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि हत्या जैसे गंभीर अपराध समाज के विरुद्ध होते हैं और ऐसे मामलों में अभियोजन की वापसी न्यायसंगत नहीं मानी जा सकती।