हर साल प्रदूषण की बढ़ती समस्या को लेकर सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को होने वाली आर्थिक नुकसान को दूर करने के लिए अब डीआईसी के माध्यम से 20 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद ली जाएगी। इस मदद की राशि से उद्यमी अपनी इकाईयों में ड्यूल ईंधन सोर्स आधारित जनरेटर लगवा सकेंगे। इसके बाद इन उद्योगों को प्रदूषण के कारण इकाईयों को संचालित करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल, प्रदेश सरकार ने दिल्ली एनसीआर में हर साल प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी और उद्योगों को आने वाली चुनौतियों को देखते हुए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन योजना को फिर से शुरू करते हुए इसमें एमएसएमई क्षेत्र को 5 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद की व्यवस्था की गई है। एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमी इसका लाभ उठा कर अपनी इकाईयों में टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के साथ ड्यूल सोर्स ईंधन वाली जनरेटर को भी लगवा सकेंगे। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। उद्यमियों के साथ बैठक कर इसकी जानकारी साझा की गई है। अभी तक करीब 50 उद्यमियों ने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। शहर में छोटी-बड़ी मिलाकर 16 हजार से अधिक औद्योगिक इकाईयां है। इसमें उद्यमियों ने अपनी जरूरत के अनुसार 10 किलोवाट से लेकर एक हजार किलोवाट तक के डीजल जनरेटर लगा रखे हैं। हर वर्ष सर्दी के मौसम में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर उद्यमियों को डीजल जनरेटर बंद करने पड़ते हैं। इस योजना से उद्यमियों की परेशानी काफी हद तक दूर हो जाएगी। यहां कर सकते हैं आवेदन : टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन योजना के तहत उद्यमी अपनी इकाईयों में मशीनरी, टेक्नोलॉजी और ड्यूल सोर्स ईंधन वाली जनरेटर स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन msme.up.gov.in के साइट पर जाकर करना होगा। इसके बाद आवेदन का सत्यापन कर सब्सिडी के रूप में आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जनरेटर खरीदारी या ड्यूल सोर्स की लागत पर सब्सिडी: 0 से 10 लाख- 10 से 40 लाख - 40 लाख या उससे अधिक की लागत: सूक्ष्म विनिर्माण इकाई : 50 प्रतिशत या 5 लाख- 40 प्रतिशत या 10 लाख- 25 प्रतिशत या 20 लाख तक लघु विनिर्माण इकाई : 40 प्रतिशत या 5 लाख - 30 प्रतिशत या 10 लाख- 20 प्रतिशत या 20 लाख। प्रदूषण के कारण उद्योगों को प्रभावित होने से बचाने के लिए सरकारी मदद की पहल की जा रही है। उद्यमी अपने बजट के हिसाब से छूट का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें एमएसएमई विभाग के साइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें 5 से 20 लाख रुपये तक सब्सिडी का प्रावधान है।- अनिल कुमार, उपायुक्त उद्योग। नोएडा से रणजीत मिश्रा की रिपोर्ट।