दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से परेशान सोसाइटी के लोग अब खुद आगे आए हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ऐस डिविनो सोसाइटी में बुधवार की रात को पानी का छिड़काव एओए की ओर से कराया गया। निवासियों को सांस लेने में हो रही परेशानी के कारण एओए की ओर से यह कदम उठाया गया है। एओए के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके आसपास कई आरएमसी प्लांट लगातार चल रहे हैं। जिससे सोसाइटी का एक्यूआई सबसे अधिक है। प्राधिकरण व प्रदूषण विभाग की ओर से भी कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। अब एओए ने कृत्रिम बारिश कराई है। एओए पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार को देर रात 11:55 बजे तक सोसाइटी में पानी का छिड़काव किया गया। जिसका उद्देश्य वातावरण में मौजूद धूलकणों को बैठाना और सोसायटी की हवा की गुणवत्ता में सुधार करना रहा। उन्होंने बताया कि निवासियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए कार्य से पूर्व निवासियों को बालकनी और खिड़कियां बंद रखने और बाहर सुखाए गए कपड़े हटा लेने की सूचना दी गई थी। उन्होंने बताया कि कई दिनों से इलाके में धूल इतनी बढ़ गई थी कि बालकनियों, गाड़ियों और पार्कों में मोटी परत जमने लगी थी। छोटे बच्चों को बाहर खेलने से रोकना पड़ रहा था। बुजुर्गों की सुबह-शाम की सैर भी बंद हो गई थी। लगातार बढ़ती परेशानी को देखते हुए सोसाइटी की एओए ने मीटिंग की और निर्णय लिया कि हवा को साफ करने की कोशिश खुद की जानी चाहिए। सोसाइटी में टावरों की ऊपरी मंजिलों से पानी का छिड़काव शुरू किया। इसके लिए फायर सिस्टम और पाइपलाइन को सक्रिय किया गया, ताकि पानी ऊंचाई से पूरे परिसर में फैल सके। पानी की बचत को ध्यान में रखते हुए एसटीपी से साफ किया गया पानी ही उपयोग में लिया गया। सभी टावरों से एक साथ फुहार छोड़ी गई, जिससे हवा में तैर रहे धूलकण कुछ ही मिनटों में नीचे बैठने लगे। उन्होंने बताया कि पानी का छिड़काव होने से सोसाइटी के अंदर का माहौल पहले से ज्यादा साफ महसूस हुआ। पार्कों की जमीन और पेड़ों की पत्तियां, जो धूल से ढकी रहती थीं, अब साफ नजर आने लगीं। कई लोगों ने बताया कि लंबे समय बाद बच्चों को खुली हवा में खेलने दिया गया और बुजुर्गों ने भी दोबारा टहलना शुरू किया।