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गुलशन इकेबाना सोसाइटी में अमर उजाला संवाद का आयोजन हुआ, लोगों ने अंदर और बाहर की समस्याएं बताईं

सोसाइटी में 2016 में लोगों ने रहना शुरू कर दिया था। इसके बाद से अबतक नौ साल में करीब 100% फ्लैट भर चुके हैं जहां पर लोग रह रहे हैंं, लेकिन बिल्डर ने अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) नहीं बनने दी है। जबकि नियम के मुताबिक सोसाइटी में एओए का गठन हो जाना चाहिए था। सोसाइटी के मेंटेनेंस (रखरखाव) का कार्य बिल्डर की ओर से ही किया जा रहा है, लेकिन रोजाना लिफ्ट में खराबी रहती है और प्लास्टर भी टूटकर गिर रहा है। बिल्डर की मनमानियां लोगों पर भारी पड़ रही है। यह बात सेक्टर 143 स्थित गुलशन इकेबाना सोसाइटी में हुए अमर उजाला संवाद में सोसाइटी निवासियों ने कही। गुलशन इकेबाना सोसाइटी में रविवार को अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। सोसाइटी निवासियों ने सोसाइटी के अंदर व सोसाइटी के आसपास की समस्याओं को प्रमुखता से सामने रखा। बताया कि बिल्डर की ओर से कार्य के किसी भी संबंध में कोई पारदर्शिता नहीं रखी जाती है। कितना शुल्क कहां पर खर्च किया जा रहा आदि के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जाती है। सोसाइटी निवासियों के साथ कोई मीटिंग नहीं की जाती है। सोसाइटी के अंदर काम करने वाला स्टाफ कम हो रहा है। सिक्योरिटी की सुविधा भी सही नहीं मिल रही है। यदि सोसाइटी निवासी बिल्डर से बात करना चाहें तो बिल्डर निवासियों से बात भी नहीं करता है। संजय तनेजा ने बताया कि सोसाइटी के अंदर लिफ्ट की समस्या बनी रहती है। बेसमेंट में बने पार्किंग एरिया में पानी लीकेज होता रहता है इससे गाड़ियां खराब हो रही हैं। प्लास्टर टूटकर गिरता है। बताया कि सेक्टर के आसपास सीवर लाइन पड़ी है लेकिन काम नहीं कर रही हैं ऐसे में सीवर का पानी सही से नहीं बहता है। रोजाना सीवर ओवर फ्लो होकर सड़कों पर बहता है। सेक्टर के अंदर रेन वाटर ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं है। ऐसे में बारिश का पानी भी सड़कों पर और सर्विस रोड में भरा रहता है। बरसात के दौरान यह स्थिति होती है कि सेक्टर 143 के चारों तरफ सीवर और ड्रेन वाटर भरा रहता है। रमेश वांगडू ने बताया कि इन सभी समस्याओं पर पिछले डेढ़ साल में हम 27 ट्वीट कर चुके हैं लेकिन नोएडा प्राधिकरण की ओर से कोई सनुवाई नहीं हो रही है। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर 145 में बना कूड़े का डंपिंग यार्ड सोसाइटी निवासियों के लिए मुसीबत बन गया है। जब भी हवा चलती है तो कूड़े की बदबू से हाल बेहाल रहता है। इसके अलावा कूड़े और गंदगी की वजह से आसपास संक्रमण और मच्छर का खतरा बढ़ गया है। सोसाइटी के आसपास 10 किमी के दायरे में कोई पेट्रोल पंप नहीं है। एक सीएनजी पंप हैं जहां पर 2 किमी की लाइन लगती है। ढाई किमी दूरी पर बना दूसरी सीएनजी पंप पांच साल से शुरू ही नहीं हो पाया। इस मौके पर शिखा भट्ट, नरेंद्र सिंह चंदेल, राजीव खंडेलवाल, डॉ. पश्यंती शुक्ला, राहुल गोयल, अरुण वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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