सूरजपुर स्थित कोर्ट परिसर में शुक्रवार एक अधिवक्ता पर हमला करने आरोप लगाते हुए साथी अधिवक्ता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन करने के बाद कोतवाली पहुंचकर पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जैतपुर वैसपुर गांव के पीड़ित रोहित कुमार ने बताया शुक्रवार को उसके घर का पुराना दरवाजा बदलने को लेकर गांव के प्रवीण, मनोज, पंकज और महेंद्र के साथ 15-20 लोगों ने उसके घर पर हमला किया था। आरोपियों ने घर के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे और लाठी, डंडे, तमंचों से लैस होकर उसके भाई प्रमोद, विपिन एवं भाभी सुनीता पर जानलेवा घायल कर दिया था। इस घटना की तहरीर थाने में दी गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। शनिवार को जब वह वह कोर्ट पहुंचे तो गली नंबर-12 के पास पहले से घात लगाए बैठे मनोज, पंकज, महेंद्र सहित 5-6 अज्ञात हमलावरों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर तमंच व पिस्टलों से लैस थे और पीड़ित को देखते ही कहा कि वह कल बच गया था आज जिंदा नहीं छोड़ंगे कहते हुए फायर कर दिया। गोली पीड़ित के कान के पास से गुजर गई। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों के आने पर आरोपी सफेद रंग की कार में फरार हो गए। अधिवक्ता मनोज भाटी का कहना का आरोप है कि कचहरी परिसर में फायरिंग की घटना हुई है। लोगों शिकायत देने के कारण धमकी के साथ हमला किया है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचाया। पीड़ित को चोट आई है। पुलिस से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को आंदोलन करेंगे। वहीं एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार का कहना है कि फायरिंग के आरोप निराधार है। दूसरा पक्ष अपने अधिवक्ता से मिलने के लिए गया था। वहां अधिवक्ता पक्ष के लोगों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। दोनों का मेडिकल कराया गया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी।