साइबर सिटी में युवाओं द्वारा स्टंटबाजी करते हुए रील बनाना एक पैशन बन चुका है। यातायात नियमों को ताक पर रखकर युवा वर्ग सड़काें का रील बनाते हैं, जिससे वाहनों का संचालत तो प्रभावित होता ही है। वहीं, सड़कों पर दुर्घटनाएं होने का खतरा भी बना रहता है। गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड रोड पर काले रंग की फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो की रील बनाने के तीन वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के बैकग्राउंड में हरियाणवी गाना 'जैड ब्लैक शीशे, गाड़ी काली राखां रै, लोड 32 बोर ये दोनाली राखां रै' और पंजाबी गाना ''जित्थे जावांगे गड्डी मोड़ांगे, सारे दे सारे सिग्नल तोड़ांगे'' लगाया। सफेद रंग की कार से इन वीडियो शूट किया गया है, जिसके पीछे-पीछे काले रंग की फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो गाड़ी की कई किलोमीटर तक स्टंटबाजी करते हुए रील बनाई। स्टंटबाजी के दौरान दोनों गाड़ियों के पास से स्कूली वाहन सहित अन्य कई वाहन बचकर निकले, लेकिन दोनों गाड़ियों के सवार चालक स्टंटबाजी करते रहे। एक वीडियो में गाड़ी सवार युवक कभी फ्लाईओवर के पास वाली सड़क और कभी एलिवेटेड रोड पर स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं। रील बनाने दौरान एक लेन से दूसरी लेन तक जिगजैग स्टाइल में गाड़ियों को चला रहे हैं। दोनों गाड़ियों में सवार युवक सड़क के बीचों-बीच बराबर चल रहे है। गाड़ियों में आगे व पीछे की लाइट कभी जला देते तो कभी बुझा देते है। कभी इस ओर का तो कभी उस ओर का इंडिकेटर जलाते हैं। इसके बाद युवकों द्वारा स्टंटबाजी करने के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए। स्टंटबाजी के वीडियो वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस के पास भी पहुंच गए हैं। गाड़ी के नंबर के आधार पर पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुग्राम की सड़कों पर स्टंटबाजी के कई वीडियो पहले भी वायरल हो चुके हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से स्टंटबाजी के वीडियो बनाने वालों की पहचान करके उनको गिरफ्तार भी किया जा चुका है। सोशल मीडिया पर रील बनाने के चक्कर में युवा सड़कों को रेसिंग ट्रैक की तरह इस्तेमाल करते हैं। गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स रोड, एनएच-48 सहित शहर की कई अन्य सड़कों स्टंटबाजी करते हुए वीडियो पहले भी वायरल हो चुके हैं। सड़कों पर स्टंट करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करती है। चालान के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है। पुलिस अब इन वीडियो को देखकर उसमें सवार युवकों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। - विरेंद्र सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात पश्चिम), गुरुग्राम।