नगर निगम गुरुग्राम की सदन बैठक सोमवार को हंगामेदार रही। पार्षदों ने निगम आयुक्त पर फोन न उठाने और विकास कार्यों की फाइलें लंबित रखने के आरोप लगाए। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में करीब दो घंटे तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। स्थिति बिगड़ती देख मेयर राजरानी मल्होत्रा ने खुद मोर्चा संभालते हुए सदन को शांत कराया।