सरकार की बहुप्रचारित हैप्पी कार्ड योजना जिले में अधिकारियों की लापरवाही और प्रशासनिक सुस्ती की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। परिवहन विभाग के पास पिछले महीने ही हजारों हैप्पी कार्ड पहुंच चुके हैं, लेकिन अब तक जरूरतमंद लोगों तक ये कार्ड नहीं पहुंच पाए हैं। हालत यह है कि करीब 5000 से अधिक हैप्पी कार्ड विभाग के दफ्तरों में पड़े धूल फांक रहे हैं, जबकि पात्र यात्री रोजाना बसों में किराया देकर सफर करने को मजबूर हैं।