तापमान का पारा चढ़ने के साथ शहर में गर्म हवाएं भी चल रही है। गुरुग्राम में लू की लहर से सड़क पर चलने वाले लोग तो परेशान हो ही रहे हैं बेजुबानों पर इसका बहुत असर है। सदर बाजार स्थित जैन पक्षी अस्पताल में हीट स्ट्रोक के शिकार पक्षी लाए जाने लगे हैं। जिन पक्षियों को किसी ने देख लिया और अस्पताल तक पहुंचा दिया वे तो भाग्यशाली हैं मगर बहुत सारे पक्षी पानी के अभाव में गर्म हवाओं से लड़ते हुए मरने को विवश है। अस्पताल के डॉक्टर राज कुमार ने लोगों ने अपील की है कि लोग छायादार जगह पर मिट्टी के बर्तनों में पक्षियों के लिए पानी जरूर रखे। चिड़ियों, कबूतरों, तोतों के छोटे बच्चे गर्मी के कारण अपने घोंसले से गिरकर बेहोश हो रहे हैं। शहर में प्राकृतिक जलाशयों की कमी के कारण उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में उनके लिए पानी के साथ दाने भी डाला जाना चाहिए। एनिमल वेलफेयर डॉक्टर्स फोरम में अध्यक्ष डॉ. एसपी गौतम ने कहा कि न केवल पक्षियों बल्कि गाय, कुत्ते आदि जानवरों के लिए छायादार जगह पर पानी रखा जाना चाहिए। इस मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण कुत्तों में काटने की प्रवृति भी तेज हो जाती है। गली में रहने वाले कुत्तों को नियत जगह पर खाना और पानी उपलब्ध कराने से वे आक्रामक नहीं होंगे। मानवता की दृष्टि से भी अपने आस-पास रहने वाले पशु पक्षियों की सहायता हर व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए।