मानेसर में खराब होती हवा लोगों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। नगर निगम मानेसर की ओर से सड़कों के किनारे जमा मिट्टी को रात के समय साफ किया जा रहा है, ताकि प्रदूषण कम हो सके और हवा की गुणवत्ता में सुधार आए। लेकिन इसके बावजूद शहर की हवा में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। शहर की कई सड़कों की हालत खराब होने के कारण धूल लगातार उड़ रही है। सड़क पर गुजरने वाले वाहन धूल को और बढ़ा रहे हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। खासकर बाइक चालकों, पैदल चलने वालों और दुकानदारों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम की ओर से कुछ जगहों पर सफाई तो कराई जा रही है, लेकिन सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से धूल दोबारा उड़ने लगती है। इसके कारण प्रदूषण कम होने की बजाय फिर से बढ़ जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बृहस्पतिवार को मानेसर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 243 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। खराब हवा का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह टूटी सड़कें, निर्माण कार्य और सड़क किनारे जमा मिट्टी प्रदूषण बढ़ाने का बड़ा कारण बन रहे हैं। यदि समय रहते धूल नियंत्रण और नियमित पानी के छिड़काव की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।