पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित हुए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि उन्हें मारा या जेल में बंद किया जा सकता है, लेकिन उनकी आवाज को दबाया और उन्हें झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि पुलिस की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के बारे में बताने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खून से पत्र लिखा था, लेकिन पुलिस ने ले जाने नहीं दिया। वहीं पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है।