अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों ने संस्थान में बुनियादी सुविधाओं, क्लिनिकल एक्सपोज़र और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की गंभीर कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। शनिवार देर रात को छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। यह कॉलेज वर्ष 2020 में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से स्वीकृति हुआ था और इसका पहला बैच 2022 में शुरू हुआ। उस समय अस्पताल की मूलभूत सेवाएँ, यहाँ तक कि ओ पी डी भी चालू नहीं थीं। वर्तमान में ओ पी डी शुरू तो हो गई है, लेकिन मरीजों की संख्या अत्यंत कम है, जबकि आई पी डी सेवाए आज भी पूर्णतः शुरू नहीं हो पाई हैं, जिससे छात्रों की क्लिनिकल ट्रेनिंग पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, अस्पताल की फार्मेसी सेवाएँ भी अत्यंत कमजोर हैं, जिसके कारण मरीजों को आवश्यक दवाए बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। पहला बैच होने के कारण 2022 बैच के छात्र सबसे अधिक प्रभावित हैं। कॉलेज शुरू होने के बाद से ही बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं। छात्रों के अनुसार, कॉलेज में खराब वायरिंग, खराब जनरेटर और पैनल जैसी समस्याएँ हैं, तथा पानी की आपूर्ति भी पर्याप्त नहीं है—यहाँ तक कि पीने के पानी की भी कमी बनी रहती है। इन समस्याओं को लेकर छात्रों द्वारा कई बार डीन और निदेशक को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परीक्षा के समय भी छात्र इन कठिनाइयों का सामना करने को मजबूर हैं।