हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता आयोग को प्रदूषण नियंत्रित न कर पाने को लेकर फटकार लगाई है। इसके तहत कोर्ट ने आयोग को दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने प्रदूषण को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने को भी कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता उज्जवल ने बताया कि शहर में प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में कोयले के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगी है। यातायात विभाग द्वारा गैर-पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। शहर में कहीं भी भवन निर्माण करने से पहले भवन की समस्त जानकारी डस्ट पोर्टल पर अपलोड करने का भी आदेश जारी किया जा चुका है।