जिले में इस समय स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को खोज रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों के स्कूल छोड़ने का कारण भी जान रहे हैं। शिक्षकों के लिए ड्राॅप आउट बच्चों को खोजना पांव का कांटा साबित हो रहा है। इस काम में उनके पसीने छूट रहे हैं। फरीदाबाद एक औद्यौगिक क्षेत्र है, जहां कामकाजी लोग अधिक रहते हैं। इनमें ज्यादातर लोग बाहर के ही हैं। ऐसे अभिभावक काम की तलाश में शहर आते हैं। फिर अपने बच्चों का नाम किसी राजकीय विद्यालय में लिखवाते हैं, लेकिन फिर की तलाश में दूसरे शहर में पलायन कर जाते हैं। अब अभिभावकों के बच्चों को खोजना शिक्षकों के लिए आसान काम नहीं है। ज्यादातर अभिभावक अपनी जगह और मोबाइल नम्बर दोनों ही बदल चुके हैं। इसकी वजह से शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।