बल्लभगढ़ सेक्टर 88 स्थित गांव बडौली को नगर निगम के अंदर ले लिया गया है, लेकिन उसके बावजूद भी गांव के लोगों को सीवर की समस्या से जूझना पड़ रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि सीवर की सफाई करने के बाद कर्मचारी कूडे को सड़क पर ही छोड देते है। उसको उठाते नहीं है, जिसकी वजह से वही कूड़ा वाहनों के आवागमन होने के बाद दोबारा से सीवर के अंदर गिर जाता है। यह समस्या गांव बडौली के लोगों ने अमर उजाला संवाद के तहत कहीं। गांव बडौली निवासी प्रदीप कुमार, हेत राम, सावित्री देवी, सुषमा , सरेंद्र, हर्ष कुमार, साहिल, धर्म सिंह, महेंद्री, रीना ने बताया कि उनके गांव में करीब 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। जिसमें से 5000 मतदाता है। नगर निगम के अंदर आने के बाद उनका सबसे बड़ी समस्या सीवर से जूझना पड़ता है। सीवर की सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारी आते तो है, लेकिन वह सीवर की सफाई करने के बाद कूड़े को सड़क के किनारे ही छोड़ देते हैं। जिसके बाद वहां से गुजरने वाले वाहनों की वजह से कूडा दोबारा से सीवर के अंदर गिर जाता है और दोबारा से सीवर ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगता है। अगर कोई व्यक्ति सफाई कर्मचारी से सामने खड़े होकर कूड़ा उठवाता है, तो कर्मचारी उठा लेता है। उन्होंने बताया कि विधायक की सिफारिश के बिना तो सफाई कर्मचारी कभी सफाई करने भी नहीं आते हैं। नगर निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है कि सफाई को लेकर ध्यान दिया जाए, लेकिन उनकी ओर से भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है। बंदरों का है आतंक इस समय काफी संख्या में बंदर मौजूद है। जिसकी वजह से महिलाओं व बच्चों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह के समय अगर कोई बुजुर्ग या कोई युवा सैर पर निकलता है। तो वह अपने हाथ में डंडा लेकर निकलता है। इसके अलावा शाम के समय बच्चों ने खेलना बंद कर दिया है। वह घर के अंदर ही खेलते हैं। क्योंकि बंदर इतनी ज्यादा हो गया है कि जैसे ही वह गली में बच्चे बाहर खेलने के लिए आते हैं। तो बंदर उन पर हमला कर देते हैं। बंदरों की वजह से गांव के करीब दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल भी हो चुके हैं। जिसमें से दो युवकों के हाथ में फ्रैक्चर भी हुआ था।्र मुख्य द्वार पर ही लगा हुआ है कूड़े का ढेर सेक्टर 8 से गांव बडौली आगरा नहर के रास्ते जब गांव के अंदर एंट्री करते हैं। तब आगरा नहर के पास ही जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। नगर निगम की ओर से पहले कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी आती थी , लेकिन अब कूड़ा उठाने वाली गाडी ने आना बंद कर दिया है। जिसकी वजह से लोगों ने घर से निकलने वाला कूड़ा इधर-उधर फेंकना शुरू कर दिया है। आगरा नहर के रास्ते अखाड़े के जरिए जब गांव में एंट्री करते हैं, तो दोनों तरफ कूड़े का ढेर लगा हुआ है। इसको लेकर भी कई बार नगर निगम के अधिकारियों को अवगत कराया है कि कूड़े की गाड़ी को दोबारा से शुरू किया जाए। ताकि गांव के लोग सही तरीके से कूड़े को फेंक सके। लोगों से बातचीत सीवर की सफाई नहीं होने की वजह से आए दिन सीवर ओवरफ्लो के सड़कों पर बहता है। -साहिल वशिष्ठ सफाई कर्मचारी सीवर की सफाई तो कर देते हैं, लेकिन कूड़ा उठाते नहीं है। जिसकी वजह से दोबारा से वह कूड़ा सीवर के अंदर गिर जाता है और सीवर जाम हो जाता है। - हेत रात बंदरों की वजह से महिलाओं ने घर से बाहर निकलना बिल्कुल बंद कर दिया है। बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम को पिंजरा लगाने के लिए कहा गया था, लेकिन अभी तक कोई पिंजरा नहीं लगाया गया है। -हर्ष कुमार आगरा नहर की ग्रीन बेल्ट पर जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा होने की वजह से आसपास बने मकानों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रदीप कुमार