पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत में हरिद्वार भूमि घोटाले पर कहा कि यह मामला बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता है। घोटाले में सफेद पोश की संलिप्ता है। इसकी सीबीआई के माध्यम से उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिएl प्रदेश भर में हुए जमीन घोटाले की जांच होनी चाहिए.| चाहे वह किसी भी शासनकाल में हुए हो। प्रदेश में एक तरफ जमीन घोटाले हो रहे हैं दूसरी तरफ सरकार मलिन बस्तियों में बसे लोगों को मालिकाना हक दिलाने के बजाय उन्हें उजाड़ने पर तुली है। 2016 में कांग्रेस सरकार के समय मलिन बस्तियों को मालिकाना हक दिलाने के लिए विधानसभा से सर्वसम्मति से कानून पारित किया गया था जिसके तहत 500 लोगों को मालिकाना हक दिया गया। लेकिन 2017 में भाजपा सरकार के बाद एक्ट को लागू नहीं किया गया।