उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के छात्रों ने डिग्री समेत विभिन्न मांगों के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मंगलवार को धरने पर बैठे छात्रों ने विवि प्रशासन पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया। कहा कि विवि का शैक्षणिक कैलेंडर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। छात्रों का आक्रोश 2018 बैच की डिग्री जारी करने में हो रही देरी, 2019, 2020 व 2021 बैच के परीक्षा परिणामों की घोषणा न होने, 2022 बैच के नामांकन व परीक्षा परिणामों की घोषणा न होने और 2022 बैच के नामांकन व परीक्षाओं में हो रही देरी के लिए है। छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस तमाम बिंदुओं के संबंध में कई बार विवि प्रशासन को पत्र लिखा गया, बावजूद मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। डिग्री न मिलने से आगे की पढ़ाई व रोजगार के अवसरों के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे है। वहीं, 2019, 2020 और 2021 बैच के छात्रों का कहना है कि उनके परीक्षा परिणाम रोके गए हैं, जिससे उनके उच्च शिक्षा या इंटर्नशिप के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। 2022 बैच के छात्रों का अभी तक नामांकन नहीं हुआ और न ही उनकी परीक्षाओं की कोई तारीख तय की गई है। इससे उनका एक पूरा साल बरबाद होने की कगार पर है। छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा, जल्द मांगें पूरी नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।