एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी के अनुपालन में रितेश शाह और अरविंद पायल बैंक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खाताधारकों के बयान दर्ज किए और पूरे मामले की जानकारी ली। खाताधारकों ने बैंक में आरबीआई द्वारा बताए गए कथित घोटाले से संबंधित जानकारी दी। आरोप लगाया गया कि बोर्ड चेयरमैन और निदेशक मंडल ने अपने रिश्तेदारों को नियमविरुद्ध मोटी सैलरी पर नियुक्त किया है। साथ ही लोन वितरण और वसूली में अनियमितताओं की बात भी सामने आई। खाताधारकों का कहना है कि आरबीआई की चेतावनियों के बावजूद प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। करीब 9000 खाताधारकों ने सरकार और पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी जमा राशि जल्द वापस दिलाने की अपील की है।