महाशिवरात्रि पर है पांच पहर की पूजा का विशेष महत्व। दक्षिण काली पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने बताया महत्व। कुल पांच पहर में होते हैं भगवान शिव के महा अनुष्ठान। रात 9 बजे से लेकर सुबह 5:30 बजे तक विशेष पूजा का विधान है। भस्म आरती पंचामृत से अभिषेक और शिव विवाह के मुहूर्त तक अनुष्ठान चलता रहेगा ।