राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष (शताब्दी वर्ष) पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में विशाल हिंदू सम्मेलनों और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को एकजुट करना, सामाजिक सद्भाव बढ़ाना, जातिगत भेदभाव को मिटाना और भारतीय संस्कृति का प्रचार करना है। इसी कड़ी में सरस्वती विद्या मंदिर अठूरवाला के प्रांगण में आरएसएस द्वारा एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें धर्माचार्य, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। आरएसएस ने कहा कि संगठित हिंदू ही मजबूत राष्ट्र की नींव है। हिंदुओं को क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर देश के लिए काम करना चाहिए। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई।