चकराता में मौसम के करवट लेने के बाद पहाड़ों के राजा चकराता में ठंड अब कंपाने लगी है। सुबह आसमान के बादलों के बीच क्षेत्र में हल्की धुंध छायी रही। क्षेत्र में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड के चलते लोग अब गर्म कपड़े पहनने लगे है। शनिवार को चकराता में अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह सूरज बादलों की ओट में छिपा रहा। पूरा क्षेत्र धुंध की चादर ओढ़े हुए नजर आया। दोपहर में आसमान से बादल छंटने के साथ हल्की धूप खिली। लेकिन, तेज ठंडी हवाएं चलती रही। ठंड से बचाव के लिए लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। बाजार में स्थानीय जैकेट, स्वेटर, टोपी, मफलर आदि की खरीदारी की गई। बागवान विजयपाल रावत, जगतराम नौटियाल, बृजेश जोशी, महाबल सिंह नेगी आदि ने बताया कि नवंबर माह से बागवान बगीचों में तौलिया बनाने के लिए गोबर की खाद डालने का कार्य करते हैं। लेकिन, सितंबर माह के बाद से बारिश नहीं होने से भूमि सख्त हो गई है। इसके चलते भूमि की गुड़ाई नहीं हो पा रही है। रबी की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार है। जौनसार बावर में अधिकांश खेती-किसानी बारिश पर आधारित है। क्षेत्र में यह समय रबी की फसल गेहूं, जौ, मसूर, मटर आदि के बुवाई का है। लेकिन, बारिश नहीं होने से किसान रबी की फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। किसान खुशीराम, टीकाराम, किशनचंद्र, राजेंद्र सिंह, लाखी राम आदि ने बताया कि रबी की फसल के बुवाई के लिए इस समय बारिश की सख्त जरूरत है। कहा कि शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में आई गिरावट से एक दो दिन में बारिश होने की उम्मीद है।