छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की टीम कोरिया जिले पहुंच चुकी है। इस जघन्य मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की लगातार मांग के बाद राज्य सरकार ने 30 जून को इसकी जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी। सीबीआई की टीम चरचा स्थित पंचवटी रेस्ट हाउस में ठहरी हुई है। कोरिया पुलिस के डीएसपी राजेश साहू घटना से जुड़ी केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर टीम के पास पहुंचे। अधिकारियों ने रेस्ट हाउस में ही सभी संबंधित दस्तावेजों की प्राथमिक जांच शुरू की। इसके बाद टीम एसपी कार्यालय पहुंची और वहां से सीधे सोनहत के नौगई गांव स्थित घटनास्थल के लिए रवाना हुई, जहां अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई के अधिकारी फिलहाल मीडिया को किसी भी प्रकार की जानकारी देने से बच रहे हैं। बता दें कि यह दर्दनाक घटना 16 जून की रात सोनहत के नौगई गांव में हुई थी। रेत कारोबार और आपसी विवाद के चलते भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी को हाईवा से रोककर उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई थी। इस हमले में लल्ला सिंह की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र और नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। स्थानीय पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। विपक्ष और पीड़ित परिवार के दबाव के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून को दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की औपचारिक मंजूरी दी थी।