देश के दो हिस्सों में मौसम के दो विपरीत हालात देखने को मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के चलते उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात दित्वाह के अवशेष के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा अपडेट के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिसके प्रभाव से उत्तर भारत की पहाड़ियों और मैदानों में ठंड और तेज हो गई है। हरियाणा और उसके पड़ोसी इलाकों में चक्रवाती प्रसार भी मौसम को और कठोर बना रहा है।उत्तर भारत में मौसम परिवर्तन के साथ तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर में तापमान और कम होगा, जिससे ठंड में और वृद्धि देखने को मिलेगी। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है, जिसके कारण शुष्क ठंड का असर बना रहेगा। वहीं हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में कोहरे की शुरुआत हो चुकी है, जो आने वाले दिनों में और घनी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा चलने या बारिश होने पर ही प्रदूषण स्तर में गिरावट आती है। बारिश के अभाव में प्रदूषण में फिलहाल तेजी से सुधार की उम्मीद कम है। लोगों को सलाह दी गई है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करें और प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए मास्क पहनने की भी सलाह दी गई है।